- जाम की समस्या के पीछे अवैध काॅम्प्लेक्स का निर्माण भी है एक कारण
- पार्किंग की जगह निर्माण होने से पार्किंग की समस्या खड़ी रहती है बदस्तूर, पार्किंग व्यवसायिक भवनों में नहीं होने से प्रभाव पड़ेगा यातायात पर
- वैध, गैर कानूनी ढंग से बनाये गये काॅम्प्लेक्सों में नहीं है व्यवस्था पार्किंग की
- मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद कुछ काॅम्प्लेक्सों ने पार्किंग की जगह को ही बना दिया व्यवसायिक
- मृत्यंजय अस्पताल, गगन पिपलानी, नरेन्द्र कुमार सुरेन्द्र कुमार, जत्तीवाड़ा में भाजपा नेता का काॅम्प्लेक्स के अलावा गढ़ रोड, सर्राफा, बुढ़ाना गेट पर बन रहे बिना पार्किंग काॅम्प्लेक्स
- काॅम्प्लेक्सों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होगी तो शहर कैसे पायेगा जाम से मुक्ति
- जाम की समस्या पूरे शहर में ले चुकी विकराल रूप, ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमराई हुई, जिला प्रशासन व पुलिस के लिये भी यातायात बन चुकी एक बड़ी समस्या
मेरठ विकास प्राधिकरण शायद अपने दायित्वों को ही भूलचुका, कम्पाउंडिंग के रूप में धन वसूलने वाली संस्था भी पार्किंग को लेकर शायद भटक चुकी रास्ता
मेरठ। अवैध निर्माण कराने वालों में प्राधिकरण के कर्मचारी, इंजीनियर, अधिकारी से लेकर राजनैतिक चाेला पहने ऐसे लोग भी शामिल है जो सरकार को बदनाम करने में तुले हैं, मेरठ में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या के पीछे अवैध काॅम्प्लेक्स का निर्माण भी एक कारण है, भले ही प्राधिकरण नोटिस, सील तक की कार्यवाही कर कम्पाउंडिंग भी जमा करा लेता है परन्तु पार्किंग की जगह निर्माण होने से पार्किंग की समस्या बदस्तूर खड़ी रहती है, आखिर ऐसा क्यों, यदि पार्किंग व्यवसायिक भवनों में नहीं होगी तो इसका प्रभाव यातायात पर पड़ेगा, अभी पिछले दिनों शहर में कई काॅम्प्लेक्सों का निर्माण हुआ है कुछ में अभी चल भी रहा है, इन काॅम्प्लेक्सों में पार्किंग को स्थान दिया ही नहीं गया है, ऐसे काॅम्प्लेक्स बिना मानचित्र स्वीकृत कराये गैर कानूनी ढंग से बनाये गये थे, शहर में कुछ ऐसे काॅम्प्लेक्स भी है जो मानचित्र स्वीकृत करा कर निर्माण कराया गया था और मानचित्र में पार्किंग की जगह भी छोड़ी गयी थी, लेकिन बाद में पार्किंग की जगह में ही व्यवसायिक गतिविधि शुरू कर दी गयी, ऐसा ही एक काॅम्लेक्स आर0 जी0 काॅलेज के बराबर में स्थित है, वहीं शहर में कई नर्सिंग होम, मण्डप भी शामिल है जिसमें बैसमेंट के साथ बिना मानचित्र, पार्किंग के ही उनका निर्माण करा दिया गया और वर्तमान में पार्किंग में व्यवसायिक गतिविधि चल रही है। इसका उदाहरण आर0जी0 इण्टर काॅलेज के पास मृत्यंजय अस्पताल है, वहीं बिना पार्किंग के काॅम्प्लेक्स का निर्माण होने वालों में प्राधिकरण के जोन-डी 1 में सूरज कुण्ड रोड पर गगन पिपलानी, नरेन्द्र कुमार सुरेन्द्र कुमार कपड़े वालों के काॅम्प्लेक्स के अलावा गढ़ रोड पर कई ऐसे काॅम्प्लेक्स का निर्माण चल रहा है जहां पार्किंग की व्यवस्था ही नहीं है, वहीं प्राधिकरण के जोन-ए1 में बुढ़ाना गेट, सर्राफा बाजार क्षेत्र में ऐसे आधा दर्जन से अधिक काॅम्प्लेक्स का अवैध निर्माण हुआ है जहंा उन्हें पार्किंग से वंचित रखा गया है इसमें एक काॅम्प्लेक्स जत्तीवाड़ा में भाजपा नेता का भी बताया जाता है, आखिर जब काॅम्प्लेक्सों में पार्किंग की व्यवस्था हीं नहीं होगी तो शहर जाम से मुक्ति कैसे पायेगा, बढ़ती जनसंख्या तथा वाहनों का दबाव होने से बढ़ते यातायात से जहां आज जाम की समस्या पूरे शहर में विकराल रूप ले चुकी है, वहीं ट्रेफिक व्यवस्था भी चरमराई हुई है जिसके चलते जिला प्रशासन व पुलिस के लिये भी यातायात एक बड़ी समस्या बन चुकी है लेकिन शहर का विकास करने का दावा करने वाली संस्था मेरठ विकास प्राधिकरण शायद अपने दायित्वों को ही भूलचुकी है, जिसके चलते सिर्फ अवैध निर्माणों से कम्पाउंडिंग के रूप में धन वसूलने वाली संस्था एमडीए भी पार्किंग को लेकर शायद रास्ता भटक चुकी है, यही कारण है कि आज अवैध काॅम्प्लेक्स या वैध काॅम्प्लेक्स बनाने वाले भी पार्किंग को महत्व नहीं दे रहे हैं, जिसका प्रभाव आने वाले दिनों में सड़कों पर दिखायी देने लगेगा। यदि प्राधिकरण पार्किंग को लेकर सख्त कदम उठाये तो अवैध काम्प्लेक्स बनाने वाले मालिकों को मूॅह की खानी पड़ सकती है।