हापुड़ अड्डे का सौन्दर्यकरण को लेकर डीएम, एमडीए वीसी के साथ किया निरीक्षण

मेरठ। हापुड़ अड्डे पर यातायात को सुगम बनाने व उसका सौन्दर्यकरण करने को लेकर डीएम अनिल ढींगरा, एमडीए वीसी राजेश कुमार पाण्डेय, नगर आयुक्त ने मुख्य अभियन्ता, मुख्य नगर नियोजक के साथ निरीक्षण किया, प्राप्त जानकारी के मुताबिक हापुड़ अड्डे के सौन्दर्यकरण के कार्य को लेकर जिला प्रशासन व एमडीए अब गम्भीर हैं, चूंकि यातायात को लेकर हापुड़ अड्डे चौराहे पर जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है, जिस पर पूर्व में भी शासन ने गम्भीरता दिखायी थी, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हापुड़ अड्डे चौराहे के बीच बने सैन्ट्रल वर्ज को सीएसआईआर-सीआरआरआई ने उचित जगह पर सैन्ट्रल वर्ज नहीं होने की रिपोर्ट दी थी, साथ ही सूत्र बताते हैं कि पूर्व में हापुड़ अड्डे के पास बनाये गये फुटपाथ सड़क पर आगे बना दिये गये, जबकि इन फुटपाथों को दुकानों के नजदीक तथा रोड बाइंडिंग के अंत में अवैध कब्जो को हटा कर बनाये जाने थे, लेकिन पूर्व में कार्यदायी संस्था एमडीए ने ऐसा नहीं किया जिसके चलते यातायात की समस्या आज विकराल रूप ले चुकी है और प्रशासन के लिये भी सिर दर्द बनी है, सूत्र बताते हैं कि चौराहे के नजदीक भुमियापुल मार्ग पर भी डिवाइडर पूर्व में गलत तरीके से बनाये गये है, सूत्र यह भी बताते हैं कि इस चौराहे के सौन्दर्यकरण को लेकर पूर्व में ड्राइंग सीआरआरआई के अनुसार बनी थी वहीं इस ड्राॅइंग पर कुछ तत्कालीन इंजीनियरों ने आपत्ति भी लगायी थी, लेकिन कुछ इंजीनियरों ने उस आपत्ति को दरकिनार कर सीआरआरआई की रिपोर्ट पर कार्य कराया था, जबकि सूत्रों का यह भी कहना है कि सीआरआरआई की रिपोर्ट के विपरीत चौराहे का सौन्दर्यकरण कराया गया था, जानकारी के मुताबिक वर्ष 2015 में करीब पौने दो करोड़ रूपये के टैण्डर से कार्य हुआ था सूत्र बताते हैं कि अब फिर इस चौराहे के सौन्दर्यकरण के तहत सैन्ट्रल वर्ज के चारो तरफ 150-150 मी0 सड़क का चौड़ीकरण होगा तथा अवैध कब्जों को हटाया जायेगा, सूत्र यह भी बताते हैं कि इस पर सोमवार से नई ड्राॅइंग बनाये जाने को लेकर काम शुरू होगा, यदि हम सूत्रों की माने तो नई दिल्ली स्थित सैन्ट्रल रोड रिसर्च इंस्ट्टयूट अपनी दो रिपोटों में इस चौराहे पर सैन्ट्रल वर्ज, फुटपाथ, डिवाइडर को हटा कर उचित स्थानों पर बनाने की बात कह चुका है, आखिर पूर्व में सीआरआरआई की ड्राॅइंग पर चौराहे का सौन्दर्यकरण हुआ या फिर एमडीए के इंजीनियरों की निजी सलाह पर इसका खुलासा जांच में ही सम्भव हो सकेगा, लेकिन इस चौराहे का सौन्दर्यकरण पूर्व टैण्डर की धनराशि में ही पूरा कराये जाने की बात सूत्र बता रहे हैं।